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BY : पवन सिन्हा पिछले दिनों मौलिक भारत और भिवानी परिवार मैत्री संघ द्वारा आयोजित मेहरचंद अग्रवाल व्याख्यानमाला में मौलिक भारत के राष्ट्रीय संयोजक श्री पवन सिन्हा ने ‘मौलिक भारत’ की अवधारणा को स्पष्ट किया। प्रस्तुत हैं उसके प्रमुख अंश : तना मैंने अध्यात्म पढ़ा है उससे यह समझ आया है कि देशकाल से व्यक्ति […]
रोहिंग्या मुसलमानो की घुसपैठ
भारत में मानवाधिकार के नाम पर रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने का प्रयास किया जा रहा है। आतंकी याकूब मेमन के अधिवक्ता रहें प्रशांत भूषण इन रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों की वकालत करके इनको यहां मानवता के नाम पर बसाना चाहते है। परंतु क्या यह कोई सुनिश्चित कर सकता है कि रोहिंग्या मुसलमान भारत में घुसपैठ करके […]
जन से दूर जनतंत्र कारण-निवारण?
BY : MB यदि भारत में जनतंत्र है, तो इस जनतंत्र के स्वरूप, कार्यतंत्र, व्यवस्था आदि का निधार्रण जननीति के द्वारा होना चाहिए या राजनीति के द्वारा? यदि निर्धारण का अधिकार जननीति के द्वारा होना चाहिए तो इसके लिए हमें जननेता चुनने चाहिए या राजनेता? प्रस्तुत हैं कुछ ज्वलंत सवाल संवैधानिक तौर पर भारत एक […]


